प्रवासी की कहानी
अहमद, एक भारतीय प्रवासी जो दुबई में काम करता है, हर महीने अपने परिवार को पैसे भेजने के लिए पारंपरिक बैंकों का उपयोग करता था। हर बार, वह लगभग 7% शुल्क और खराब विनिमय दरों के कारण हजारों रुपये खो देता था। एक दिन, उसने 'किस्ट' के बारे में सुना, जो एक इस्लामी विकेंद्रीकृत वित्त प्लेटफॉर्म है।
पारंपरिक प्रेषण की समस्या
पारंपरिक प्रेषण सेवाएं उच्च शुल्क लेती हैं, जिसमें छिपी हुई फीस और खराब दरें शामिल हैं। इस्लामी वित्त में सूद (रिबा) और अनिश्चितता (घरर) से बचना आवश्यक है, लेकिन पारंपरिक बैंक इन सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। किस्ट इस समस्या को हल करता है।
किस्ट कैसे काम करता है
किस्ट में, विक्रेता माल का मालिक होता है, भुगतान USDC में होता है, और कोई सूद या घरर नहीं है। फंड का अधिशेष वापस कर दिया जाता है, और 3 दिन की छूट अवधि होती है। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बेसस्कैन पर सत्यापित है, और शुल्क केवल 2% है।
बचत की गणना
अहमद हर महीने $1000 भेजता था। पारंपरिक शुल्क 7% ($70) बनाम किस्ट का 2% ($20) = प्रति माह $50 बचत। एक वर्ष में $600 बचत। वैश्विक स्तर पर, 1.9 बिलियन मुसलमानों में से कई प्रवासी हैं, और यह बचत अरबों डॉलर तक पहुंच सकती है।
किस्ट इसे कैसे लागू करता है
किस्ट इस्लामी सिद्धांतों के अनुरूप प्रेषण प्रदान करता है: विक्रेता माल का मालिक है, भुगतान USDC में है, कोई सूद नहीं, अधिशेष वापस किया जाता है, 3 दिन की छूट, और केवल 2% शुल्क। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट ओपन-सोर्स है और बेसस्कैन पर सत्यापित है।
किस्ट की खोज करें: qist.info
यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय सलाह नहीं है।