पारंपरिक वित्तीय मॉडल की पहुंच
पारंपरिक वित्तीय प्रणाली दुनिया की आबादी के एक बड़े हिस्से को सेवा प्रदान करती है, लेकिन लगभग 1.7 अरब वयस्क अभी भी बैंक रहित हैं। इनमें से अधिकांश विकासशील देशों में रहते हैं, जहां बुनियादी ढांचे की कमी और उच्च लागत बाधाएं हैं। इसके विपरीत, इस्लामी वित्त, जो लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर का है, मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल देशों में केंद्रित है और लगभग 1.9 अरब मुसलमानों की सेवा करता है। हालांकि, पारंपरिक इस्लामी वित्त में भी बहिष्कार है, क्योंकि कई लोग शरिया-अनुपालन वाली सेवाओं तक पहुंच से वंचित हैं।
डिफाई (DeFi) मॉडल की पहुंच
विकेंद्रीकृत वित्त (DeFi) ने बिना किसी मध्यस्थ के वित्तीय सेवाओं तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने का वादा किया है। वर्तमान में, डिफाई में लगभग 5-10 मिलियन सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, जो वैश्विक आबादी का एक छोटा सा अंश है। डिफाई को तकनीकी बाधाओं, उच्च गैस शुल्क और अस्थिरता का सामना करना पड़ता है, जो इसे बड़े पैमाने पर अपनाने से रोकता है। इसके अलावा, डिफाई में अक्सर रिबा (ब्याज) और गरार (अनिश्चितता) जैसे तत्व शामिल होते हैं, जो मुसलमानों के लिए अस्वीकार्य हैं।
इस्लामी डिफाई मॉडल की पहुंच
इस्लामी डिफाई, पारंपरिक डिफाई और इस्लामी वित्त के सिद्धांतों को जोड़ता है। इसका उद्देश्य 1.9 अरब मुसलमानों को शरिया-अनुपालन वाली सेवाएं प्रदान करना है, जबकि डिफाई की वैश्विक पहुंच का लाभ उठाना है। हालांकि, इस्लामी डिफाई अभी भी अपनी प्रारंभिक अवस्था में है और इसकी पहुंच सीमित है। क्यूस्ट (Qist) जैसे प्लेटफॉर्म इस अंतर को पाटने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी तक बड़े पैमाने पर अपनाया नहीं गया है।
क्यूस्ट (Qist) का मॉडल और इसकी पहुंच
क्यूस्ट एक इस्लामी डिफाई प्लेटफॉर्म है जो बेस (Base) ब्लॉकचेन पर चलता है। यह 'बेचने वाला संपत्ति का मालिक है' और 'USDC में भुगतान' जैसे सिद्धांतों का पालन करता है। क्यूस्ट में न्यूनतम प्रवेश बाधाएं हैं - कोई न्यूनतम जमा नहीं, केवल 2% शुल्क, और 3 दिनों की छूट अवधि। इसका लक्ष्य उन लाखों मुसलमानों तक पहुंचना है जो पारंपरिक इस्लामी वित्त या डिफाई से वंचित हैं।
कैसे क्यूस्ट इसे लागू करता है
क्यूस्ट बिना ब्याज के किश्तों में भुगतान की सुविधा प्रदान करता है, जिससे विक्रेता संपत्ति का मालिक बना रहता है जब तक कि पूरा भुगतान न हो जाए। यह मॉडल उन लोगों तक पहुंच बनाता है जिनके पास पारंपरिक बैंकिंग तक पहुंच नहीं है, साथ ही यह शरिया का पालन करता है। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बेसस्कैन (BaseScan) पर सत्यापित हैं, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करता है। क्यूस्ट का उद्देश्य इस्लामी डिफाई के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है।
क्यूस्ट (Qist) खोजें: qist.info
यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए।