समस्या: मुस्लिम उद्यमी वित्त से वंचित
दुनिया भर में लगभग 1.9 बिलियन मुसलमान हैं, लेकिन उनमें से कई उद्यमी पारंपरिक बैंकिंग से वंचित हैं क्योंकि ब्याज (रिबा) इस्लाम में हराम है। अनुमान है कि 70% से अधिक मुस्लिम उद्यमियों के पास औपचारिक वित्त तक पहुंच नहीं है। इससे आर्थिक विकास और नवाचार बाधित होता है।
इस्लामी वित्त का उदय
वैश्विक इस्लामी वित्त उद्योग लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर का है, फिर भी यह अभी भी कई मुस्लिम उद्यमियों तक नहीं पहुंच पाया है। पारंपरिक इस्लामी बैंकिंग अक्सर बड़े व्यवसायों को प्राथमिकता देती है, जिससे छोटे उद्यमी पीछे रह जाते हैं।
डेफी (विकेंद्रीकृत वित्त) का समाधान
विकेंद्रीकृत वित्त (DeFi) पारंपरिक बैंकिंग के बिना वित्तीय सेवाएं प्रदान कर सकता है। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके, यह शरिया-अनुपालन वाले लेन-देन को सक्षम बनाता है।
क्यूस्ट (Qist) इस समस्या का समाधान कैसे करता है
क्यूस्ट एक इस्लामी विकेंद्रीकृत वित्त मंच है जो Base नेटवर्क पर काम करता है। यह मुराबाहा मॉडल का उपयोग करता है जहां विक्रेता संपत्ति का मालिक होता है और खरीदार किस्तों में भुगतान करता है। कोई ब्याज नहीं लिया जाता है।
क्यूस्ट कैसे लागू होता है
क्यूस्ट पर, उद्यमी USDC में भुगतान करते हैं, और 3 दिनों की छूट अवधि होती है। कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है; 2% मार्कअप पूर्व-सहमत है। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट BaseScan पर सत्यापित है और पारदर्शी है।
क्यूस्ट खोजें: qist.info
यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय सलाह नहीं है।