रिबा क्या है?
रिबा (सूद) इस्लाम में सख्त वर्जित है। इसका अर्थ है किसी ऋण या लेन-देन में अतिरिक्त राशि लेना, चाहे वह पैसे या वस्तु के रूप में हो। यह अन्याय और शोषण का कारण बनता है।
रिबा के प्रकार
रिबा अल-नसीया (ब्याज) और रिबा अल-फदल (वस्तु विनिमय में असमानता) दो मुख्य प्रकार हैं। इस्लामिक डिफाई इन दोनों से बचता है।
इस्लामिक डिफाई कैसे रिबा से बचता है?
इस्लामिक डिफाई में लेन-देन वास्तविक परिसंपत्तियों पर आधारित होते हैं, न कि ब्याज पर। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं।
क्यों रिबा हराम है?
रिबा सामाजिक असमानता बढ़ाता है और जोखिम को एक पक्ष पर डालता है। इस्लाम निष्पक्ष व्यापार को प्रोत्साहित करता है।
क्विस्ट इसे कैसे लागू करता है?
क्विस्ट पर सभी लेन-देन ब्याज-मुक्त हैं। USDC में भुगतान होता है, और अतिरिक्त राशि वापस कर दी जाती है। 3 दिन की छूट अवधि भी है।
क्विस्ट खोजें: qist.info
यह सामग्री केवल सूचनात्मक है, वित्तीय सलाह नहीं।