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यील्ड का अर्थ और हलालता

यील्ड का मतलब है निवेश पर लाभ। इस्लामी वित्त में यह तभी हलाल है जब वह वास्तविक संपत्ति से जुड़ा हो। जानिए कैसे क़िस्त इसे लागू करता है।

यील्ड (Yield) का अर्थ क्या है?

यील्ड का मतलब है किसी निवेश से होने वाला लाभ या रिटर्न। पारंपरिक वित्त में यह ब्याज (interest) या लाभांश (dividend) के रूप में हो सकता है। इस्लामी वित्त में यील्ड को केवल तभी हलाल माना जाता है जब वह किसी वास्तविक संपत्ति या सेवा से जुड़ा हो और उसमें कोई रिबा (सूद) या ग़रर (अनिश्चितता) न हो।

इस्लामी वित्त में यील्ड कब हलाल है?

यील्ड तब हलाल होती है जब वह मुनाफे-नुकसान के साझेदारी (जैसे मुदारबा, मुशारका) या किसी वास्तविक संपत्ति के किराए या बिक्री से आती है। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति कोई सामान खरीदकर उसे लाभ पर बेचे, तो वह लाभ हलाल है।

यील्ड कब रिबा (सूद) बन जाती है?

यील्ड रिबा तब बन जाती है जब वह केवल ऋण पर लगाए गए ब्याज के रूप में हो, बिना किसी वास्तविक आर्थिक गतिविधि के। इस्लाम में कर्ज पर कोई अतिरिक्त राशि लेना सख्त मना है।

पारंपरिक यील्ड और इस्लामी यील्ड में अंतर

पारंपरिक वित्त में यील्ड अक्सर जोखिम-मुक्त ब्याज पर आधारित होती है, जबकि इस्लामी यील्ड हमेशा किसी वास्तविक संपत्ति या व्यवसाय से जुड़ी होती है। इस्लाम में पैसे को केवल वस्तु के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि विनिमय के माध्यम के रूप में।

कैसे 'क़िस्त' (Qist) इसे लागू करता है?

क़िस्त एक इस्लामी विकेंद्रीकृत वित्त मंच है जो USDC का उपयोग करता है और हर लेन-देन में वास्तविक संपत्ति को शामिल करता है। क़िस्त पर यील्ड केवल विक्रेता द्वारा भुगतान किए गए लाभ से आती है, जो पूरी तरह हलाल है। कोई ब्याज या अनिश्चितता नहीं है।

क़िस्त की खोज करें: qist.info

यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं।